Bihar Assistant Professor Draft Regulation 2026: बिहार विश्वविद्यालयों में शिक्षक भर्ती का नया खाका तैयार, लिखित परीक्षा और स्पॉट टीचिंग होगी अनिवार्य
Bihar Assistant Professor Draft Regulation 2026 बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धात्मक और गुणवत्ता आधारित बनाने के उद्देश्य से "बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर (अनुबंध आधारित नियुक्तियों सहित) की नियुक्ति हेतु ड्राफ्ट परिनियम, 2026" तैयार किया गया है। इस ड्राफ्ट परिनियम में नियमित और अनुबंध आधारित दोनों प्रकार की नियुक्तियों के लिए विस्तृत नियम निर्धारित किए गए हैं।
नए नियमों के अनुसार अब असिस्टेंट प्रोफेसर की नियमित नियुक्ति में लिखित परीक्षा को प्रमुख आधार बनाया जाएगा, जबकि अनुबंध आधारित नियुक्तियों के लिए API स्कोर और इंटरव्यू के आधार पर चयन किया जाएगा। आइए जानते हैं इस ड्राफ्ट परिनियम के सभी महत्वपूर्ण प्रावधानों और नियमों के बारे में।
बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति परिनियम 2026 क्या है?
यह परिनियम बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976, पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 तथा राज्य सरकार के अधीन आने वाले सभी विश्वविद्यालयों एवं उनके अंगीभूत महाविद्यालयों पर लागू होगा।
माननीय कुलाधिपति (राज्यपाल) की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद यह नियमावली पूरे बिहार में प्रभावी हो जाएगी।
इसका मुख्य उद्देश्य योग्य, विषय विशेषज्ञ, शोध उन्मुख तथा आधुनिक शिक्षण तकनीकों में दक्ष शिक्षकों का चयन करना है।
नियमित नियुक्ति के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता
मास्टर्स डिग्री अनिवार्य
अभ्यर्थी के पास संबंधित या संबद्ध विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर (PG) डिग्री होना आवश्यक होगा।
आरक्षित वर्गों को 5 प्रतिशत छूट
बिहार के मूल निवासी निम्नलिखित वर्गों को न्यूनतम अंकों में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी—
- अनुसूचित जाति (SC)
- अनुसूचित जनजाति (ST)
- अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC)
- पिछड़ा वर्ग (BC)
- दिव्यांग (PWD)
इन उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंक 50 प्रतिशत निर्धारित होंगे।
NET/SLET/SET अनिवार्य
असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए अभ्यर्थी को निम्न में से किसी एक पात्रता परीक्षा को उत्तीर्ण करना होगा—
- UGC-NET
- CSIR-NET
- SLET
- SET
Ph.D. धारकों को NET से छूट
UGC Regulation 2009 या 2016 के तहत Ph.D. पूर्ण करने वाले उम्मीदवारों को NET/SLET/SET से छूट प्रदान की जाएगी।
इसके अतिरिक्त विश्व के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों से Ph.D. करने वाले उम्मीदवार भी NET की अनिवार्यता से मुक्त होंगे।
आयु सीमा क्या होगी?
ड्राफ्ट परिनियम के अनुसार विज्ञापन जारी होने वाले वर्ष की 1 जुलाई को उम्मीदवार की—
- न्यूनतम आयु : 21 वर्ष
- अधिकतम आयु : 40 वर्ष
होनी चाहिए।
आरक्षित वर्गों को राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आयु में अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी।
चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा को मिला सबसे अधिक महत्व
नई व्यवस्था में नियमित नियुक्ति हेतु कुल 200 अंकों के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी।
अंक विभाजन
| चयन प्रक्रिया | अंक |
|---|---|
| लिखित परीक्षा | 175 |
| इंटरव्यू | 25 |
| कुल अंक | 200 |
स्पष्ट है कि चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
लिखित परीक्षा का प्रारूप
ड्राफ्ट परिनियम के अनुसार लिखित परीक्षा विषयपरक (Subjective) होगी तथा इसका सिलेबस संबंधित विषय के UGC-NET के पाठ्यक्रम के अनुरूप रहेगा।
प्रश्नों का पैटर्न
| प्रश्न का प्रकार | संख्या | प्रति प्रश्न अंक | कुल अंक |
|---|---|---|---|
| अति लघु उत्तरीय | 20 | 1 | 20 |
| लघु उत्तरीय | 15 | 2 | 30 |
| विश्लेषणात्मक प्रश्न | 15 | 3 | 45 |
| दीर्घ उत्तरीय | 10 | 8 | 80 |
| कुल | 60 | - | 175 |
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 से 250 शब्दों में लिखने होंगे।
इंटरव्यू में क्या होगा?
इंटरव्यू कुल 25 अंकों का होगा।
इंटरव्यू के दो भाग
1. स्पॉट टीचिंग स्किल – 13 अंक
उम्मीदवार को कक्षा शिक्षण का प्रदर्शन करना होगा।
विशेष बात यह है कि इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
2. विषय एवं व्यक्तित्व मूल्यांकन – 12 अंक
साक्षात्कार बोर्ड द्वारा विषय ज्ञान, व्यक्तित्व, संवाद कौशल तथा शिक्षण क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा।
लिखित परीक्षा में न्यूनतम क्वालिफाइंग अंक
इंटरव्यू के लिए पात्र होने हेतु अभ्यर्थियों को निम्नलिखित न्यूनतम अंक प्राप्त करने होंगे—
सामान्य वर्ग
- 40%
पिछड़ा वर्ग (BC)
- 36.5%
अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC)
- 34%
SC/ST एवं सभी वर्ग की महिलाएँ
- 32%
इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्टिंग कैसे होगी?
लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को रिक्तियों के आधार पर 1:3 अनुपात में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
अर्थात एक पद के लिए अधिकतम तीन उम्मीदवारों को साक्षात्कार का अवसर मिलेगा।
यदि कट-ऑफ अंक पर एक से अधिक उम्मीदवार होंगे तो सभी को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
अनुबंध आधारित असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति
ड्राफ्ट परिनियम में अनुबंध आधारित नियुक्तियों के लिए भी स्पष्ट नियम निर्धारित किए गए हैं।
कब होगी अनुबंध नियुक्ति?
अनुबंध आधारित नियुक्ति केवल ऐसी परिस्थितियों में की जाएगी जब छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करने के लिए तत्काल शिक्षकों की आवश्यकता हो।
अनुबंध की अवधि
- अधिकतम एक शैक्षणिक सत्र
- प्रदर्शन संतोषजनक होने पर नवीनीकरण संभव
- नियमित नियुक्ति होने पर अनुबंध स्वतः समाप्त
मानदेय कितना मिलेगा?
अनुबंधित शिक्षकों को नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर के प्रारंभिक स्तर के न्यूनतम मूल वेतन एवं महंगाई भत्ते (Basic + DA) के बराबर निश्चित मानदेय दिया जाएगा।
अनुबंध नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया
अनुबंध आधारित भर्ती में कोई लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।
चयन का आधार
| घटक | अंक |
|---|---|
| API स्कोर | 100 |
| इंटरव्यू | 12 |
| कुल | 112 |
API स्कोर में अंक कैसे मिलेंगे?
उच्च शैक्षणिक उपलब्धियाँ
- Ph.D. : 11 अंक
- JRF : 11 अंक
- NET : 8 अंक
स्नातकोत्तर (PG)
अधिकतम 26 अंक निर्धारित किए गए हैं।
- 80% या अधिक : 26 अंक
- 70% से 80% : 23 अंक
- 60% से 70% : 20 अंक
- 55% से 60% : 17 अंक
स्नातक (Graduation)
अधिकतम 17 अंक दिए जाएंगे।
इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक
प्रतिशत के आधार पर निर्धारित सूत्र के अनुसार अंक प्रदान किए जाएंगे।
अंतिम मेरिट सूची कैसे बनेगी?
नियमित नियुक्ति
अंतिम मेरिट सूची—
लिखित परीक्षा (175) + इंटरव्यू (25) = 200 अंक
के आधार पर तैयार होगी।
विश्वविद्यालय आवंटन
चयनित उम्मीदवारों को—
- मेरिट रैंक
- आवेदन में दिए गए विकल्प
के आधार पर विश्वविद्यालय आवंटित किए जाएंगे।
यह प्रक्रिया Merit-cum-Choice सिद्धांत पर आधारित होगी।
टाई-ब्रेकर नियम
यदि दो या अधिक उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं तो निम्नलिखित क्रम में वरीयता दी जाएगी—
पहला नियम
जिस उम्मीदवार के लिखित परीक्षा में अधिक अंक होंगे, उसे प्राथमिकता मिलेगी।
दूसरा नियम
यदि लिखित और इंटरव्यू दोनों में अंक समान हों तो अधिक आयु वाले उम्मीदवार को वरीयता दी जाएगी।
तीसरा नियम
यदि जन्मतिथि भी समान हो तो देवनागरी वर्णमाला के अनुसार नाम के आधार पर मेरिट तय की जाएगी।
आरक्षण नीति का पालन
ड्राफ्ट परिनियम में स्पष्ट किया गया है कि बिहार सरकार की नवीनतम आरक्षण नीति का पूर्णतः पालन किया जाएगा।
रोस्टर की गणना—
- विषयवार
- श्रेणीवार
- विश्वविद्यालयवार
की जाएगी।
यदि कोई आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार सामान्य वर्ग के कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करता है तो उसे सामान्य श्रेणी में समायोजित किया जाएगा।
जॉइनिंग के लिए कितना समय मिलेगा?
नियमित नियुक्ति
- सामान्यतः 1 माह
- विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 6 माह तक विस्तार
अनुबंध नियुक्ति
- नियुक्ति पत्र मिलने के 7 दिनों के भीतर योगदान अनिवार्य
- समय सीमा में कोई विस्तार नहीं
यदि निर्धारित समय पर योगदान नहीं किया गया तो उम्मीदवारी स्वतः समाप्त मानी जाएगी।
निष्कर्ष
बिहार विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती हेतु तैयार किया गया ड्राफ्ट परिनियम 2026 उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इस नई व्यवस्था में लिखित परीक्षा को प्रमुख महत्व देकर चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने का प्रयास किया गया है। साथ ही स्पॉट टीचिंग, वीडियो रिकॉर्डिंग, स्पष्ट मेरिट प्रणाली और अनुबंध नियुक्तियों के लिए निर्धारित API स्कोर व्यवस्था से गुणवत्ता आधारित भर्ती को बढ़ावा मिलेगा। यदि यह ड्राफ्ट परिनियम अंतिम रूप से लागू होता है, तो बिहार के विश्वविद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में एक नई पारदर्शी और उत्तरदायी व्यवस्था देखने को मिल सकती है
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