Bihar Social Media Rules Amendment 2026: बिहार सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन मीडिया नियमावली में बड़ा संशोधन
Bihar Social Media Rules Amendment 2026 बिहार सरकार के सूचना एवं जन-संपर्क विभाग ने सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन मीडिया से संबंधित नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में “बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया (संशोधन) नियमावली-2026” को लागू करने की जानकारी दी गई है। यह संशोधन मुख्य रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो के प्रदर्शन, विज्ञापन भुगतान, न्यूनतम व्यूज, सोशल मीडिया हैंडल/पेज/चैनल के फॉलोअर्स तथा विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया से संबंधित है।
इस संशोधन से सोशल मीडिया क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट राइटर्स, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया हैंडल संचालित करने वाली एजेंसियों के लिए सरकार की विज्ञापन व्यवस्था में नए प्रावधान सामने आए हैं। अधिसूचना में अलग-अलग श्रेणियों के लिए वीडियो व्यूज और भुगतान की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की गई है।
अधिसूचना जारी होने की तिथि: 20 अगस्त 2026
नियमावली: बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया (संशोधन) नियमावली-2026
प्रभावी: अधिसूचना जारी होने की तिथि से
What is Bihar Social Media Amendment Rules 2026? | क्या है बिहार सोशल मीडिया संशोधन नियमावली 2026?
सूचना एवं जन-संपर्क विभाग द्वारा जारी इस संशोधन का उद्देश्य बिहार सरकार की सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन मीडिया विज्ञापन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और स्पष्ट बनाना है। नई व्यवस्था में वीडियो के प्रदर्शन और उसके आधार पर मिलने वाले भुगतान के लिए अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं।
अधिसूचना के अनुसार वर्ष 2024 की नियमावली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। विशेष रूप से नियम-8(vi), नियम-11 तथा नियम-11 और 11(A) की विवरणी में संशोधन किया गया है। इसके अलावा नियम-14 के बाद नए नियम 14(A), 14(B) और 14(C) को जोड़ा गया है।
इन नए प्रावधानों के माध्यम से सोशल मीडिया हैंडल, पेज, चैनल और विज्ञापन से संबंधित पात्रता एवं प्रक्रिया को और स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है।
Minimum Views Rule Changed | न्यूनतम व्यूज से जुड़ा नियम बदला
संशोधित नियमावली में वर्ष 2024 के नियम-8(vi) में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले जहां न्यूनतम 10 प्रतिशत व्यूज अर्जित होने की शर्त का उल्लेख था, अब इसके स्थान पर श्रेणी के अनुसार नियम-11, 11(A) एवं 11(B) में दिए गए प्रावधानों को लागू किया जाएगा।
इसका मतलब यह है कि सोशल मीडिया वीडियो या कंटेंट से संबंधित भुगतान के लिए अब केवल एक सामान्य प्रतिशत आधारित शर्त पर निर्भरता नहीं रहेगी। अलग-अलग श्रेणी के अनुसार निर्धारित प्रावधानों को ध्यान में रखा जाएगा।
Video Views Based Payment Rules | वीडियो व्यूज के आधार पर भुगतान
संशोधन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वीडियो के प्रदर्शन और भुगतान से संबंधित है। नियम-11 में प्रदर्शन एवं भुगतान के संबंध में निर्धारित विवरणी के अंतिम कॉलम में नए प्रावधान लागू किए गए हैं।
Category A Payment Rule | श्रेणी-A में भुगतान का नियम
श्रेणी-A के लिए संशोधित प्रावधान के अनुसार वीडियो के प्रदर्शन के 30 दिन पूरे होने के बाद 1 लाख व्यूज से अधिक अतिरिक्त प्रत्येक 1 लाख व्यूज पर ₹10,000 की अतिरिक्त राशि देय होगी।
हालांकि, प्रत्येक वीडियो के लिए कुल अधिकतम भुगतान राशि ₹1,00,000 निर्धारित की गई है।
अर्थात यदि कोई वीडियो निर्धारित अवधि के बाद 1 लाख से अधिक अतिरिक्त व्यूज प्राप्त करता है, तो अतिरिक्त व्यूज के आधार पर भुगतान किया जा सकता है, लेकिन एक वीडियो के लिए अधिकतम भुगतान सीमा एक लाख रुपये से अधिक नहीं होगी।
Category B Payment Rule | श्रेणी-B में भुगतान का नियम
श्रेणी-B के लिए भी वीडियो के प्रदर्शन के 30 दिन पूरे होने के बाद अतिरिक्त व्यूज के आधार पर भुगतान का प्रावधान किया गया है।
इस श्रेणी में 50 हजार व्यूज से अधिक अतिरिक्त प्रत्येक 50 हजार व्यूज पर ₹10,000 की अतिरिक्त राशि देय होगी।
लेकिन यहां भी प्रति वीडियो कुल अधिकतम देय राशि ₹90,000 निर्धारित की गई है।
इससे स्पष्ट है कि सरकार ने अलग-अलग श्रेणियों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म/कंटेंट के लिए भुगतान की सीमा अलग रखी है।
Minimum Views for Payment | भुगतान के लिए न्यूनतम अर्जित व्यूज
संशोधन में नियम-11 एवं 11(A) की विवरणी में भी बदलाव किया गया है। भुगतान के लिए न्यूनतम अर्जित व्यूज की संख्या से संबंधित कॉलम संख्या-05 और 06 को समाप्त किए जाने की बात अधिसूचना में कही गई है।
इनमें विशेष रूप से Facebook, Instagram और YouTube के लिए न्यूनतम अर्जित व्यूज तथा X के लिए भुगतान संबंधी न्यूनतम अर्जित व्यूज का उल्लेख था।
नई व्यवस्था में इस प्रावधान को संशोधित किया गया है, जिससे भुगतान की प्रक्रिया संशोधित नियमों और निर्धारित श्रेणियों के अनुसार संचालित होगी।
New Rule 14(A), 14(B), 14(C) | नए नियम 14(A), 14(B) और 14(C)
संशोधन नियमावली में नियम-14 के बाद तीन नए प्रावधान जोड़े गए हैं। ये नियम सोशल मीडिया हैंडल, विज्ञापन और नियमों की व्याख्या से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को कवर करते हैं।
Rule 14(A): Social Media Followers Verification | फॉलोअर्स की जांच
नए नियम 14(A) के तहत सूचीबद्ध सोशल मीडिया हैंडल, पेज या चैनल के फॉलोअर्स की संख्या की जांच विभाग द्वारा प्रत्येक छह महीने में की जाएगी।
यदि निर्धारित मानकों के अनुसार किसी सोशल मीडिया हैंडल, पेज, चैनल या अकाउंट होल्डर/संचालक के फॉलोअर्स की संख्या कम पाई जाती है, तो संबंधित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट राइटर अथवा संबंधित एजेंसी को फॉलोअर्स की संख्या के आधार पर नियमावली में निर्धारित श्रेणी के अनुसार ही विज्ञापन जारी किए जाएंगे।
इस प्रावधान का उद्देश्य विज्ञापन व्यवस्था में वास्तविक और निर्धारित मानकों को बनाए रखना माना जा सकता है।
Rule 14(B): Non-Listed Influencers | गैर-सूचीबद्ध सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स
नियम 14(B) में विशेष परिस्थितियों के लिए प्रावधान किया गया है। सूचना एवं जन-संपर्क विभाग आवश्यकता के अनुसार किसी गैर-सूचीबद्ध प्रतिष्ठित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को भी विज्ञापन जारी कर सकता है।
इसके लिए विज्ञापन की उपयोगिता, कंटेंट की गुणवत्ता तथा संबंधित अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा।
हालांकि, विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित अधिकतम धनराशि की सीमा के अंतर्गत होगी। विभागीय समिति की अनुशंसा और सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विज्ञापन जारी किए जा सकेंगे।
इससे यह संकेत मिलता है कि केवल पहले से सूचीबद्ध सोशल मीडिया अकाउंट ही विज्ञापन के लिए संभावित माध्यम नहीं होंगे। विशेष परिस्थितियों में अन्य प्रतिष्ठित इन्फ्लुएंसर्स को भी अवसर मिल सकता है।
Rule 14(C): Clarification in Case of Doubt | संदेह की स्थिति में स्पष्टीकरण
नए नियम 14(C) में नियमावली के किसी प्रावधान में अस्पष्टता अथवा संदेह की स्थिति के समाधान की व्यवस्था की गई है।
ऐसी स्थिति में अपेक्षित स्पष्टीकरण विभागीय मंत्री के अनुमोदन से किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य नियमों की व्याख्या से संबंधित किसी भी भ्रम को दूर करना है।
Who Will Be Affected? | किन लोगों पर पड़ेगा प्रभाव?
बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया संशोधन नियमावली-2026 का प्रभाव मुख्य रूप से उन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डिजिटल कंटेंट से जुड़े लोगों पर पड़ सकता है जो सरकारी विज्ञापन व्यवस्था के अंतर्गत आते हैं।
इनमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट राइटर, सोशल मीडिया हैंडल संचालक, पेज एडमिन, YouTube चैनल संचालक, Facebook एवं Instagram पेज संचालक तथा संबंधित एजेंसी/फर्म शामिल हो सकते हैं।
विशेष रूप से सरकारी विज्ञापन प्राप्त करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के लिए फॉलोअर्स की संख्या, वीडियो व्यूज और निर्धारित श्रेणी महत्वपूर्ण हो जाएगी।
Government Advertising on Social Media | सोशल मीडिया पर सरकारी विज्ञापन
आज के समय में सरकारी योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण सूचनाओं को जनता तक पहुंचाने में सोशल मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है। Facebook, Instagram, YouTube और X जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों तक सरकारी जानकारी पहुंचाई जा सकती है।
ऐसे में सोशल मीडिया पर विज्ञापन जारी करने के लिए स्पष्ट नियम आवश्यक हैं। नई संशोधन नियमावली इसी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार द्वारा वीडियो के व्यूज, सोशल मीडिया अकाउंट के फॉलोअर्स और कंटेंट की गुणवत्ता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विज्ञापन व्यवस्था संचालित करने का प्रावधान किया गया है।
Payment Limit Per Video | प्रत्येक वीडियो पर अधिकतम भुगतान सीमा
नई व्यवस्था में वीडियो के आधार पर अतिरिक्त भुगतान की सीमा स्पष्ट की गई है।
| श्रेणी | अतिरिक्त व्यूज | अतिरिक्त भुगतान | अधिकतम भुगतान |
|---|---|---|---|
| Category A | प्रत्येक अतिरिक्त 1 लाख व्यूज | ₹10,000 | ₹1,00,000 |
| Category B | प्रत्येक अतिरिक्त 50 हजार व्यूज | ₹10,000 | ₹90,000 |
यह भुगतान वीडियो के प्रदर्शन के 30 दिन पूरे होने के बाद निर्धारित अतिरिक्त व्यूज के आधार पर लागू होने की व्यवस्था बताई गई है।
Why This Amendment Is Important? | यह संशोधन क्यों महत्वपूर्ण है?
सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज की संख्या तेजी से बदलती रहती है। ऐसे में किसी अकाउंट की वर्तमान पहुंच और प्रभाव का नियमित मूल्यांकन आवश्यक हो जाता है।
नए नियम में प्रत्येक छह महीने में फॉलोअर्स की जांच का प्रावधान इसी दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है कि विज्ञापन के लिए सूचीबद्ध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म निर्धारित मानकों को पूरा कर रहे हैं।
वहीं वीडियो के लिए अधिकतम भुगतान सीमा निर्धारित होने से विज्ञापन भुगतान की प्रक्रिया को एक निश्चित सीमा के अंदर रखने का प्रयास किया गया है।
Important Points for Social Media Creators | सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए महत्वपूर्ण बातें
- सोशल मीडिया हैंडल/पेज/चैनल के फॉलोअर्स की संख्या महत्वपूर्ण होगी।
- फॉलोअर्स की जांच प्रत्येक छह महीने में की जा सकती है।
- वीडियो के प्रदर्शन के 30 दिन पूरे होने के बाद अतिरिक्त व्यूज के आधार पर भुगतान का प्रावधान है।
- Category-A और Category-B के लिए भुगतान की अलग-अलग सीमा निर्धारित है।
- प्रति वीडियो अधिकतम भुगतान की सीमा तय की गई है।
- विशेष परिस्थितियों में गैर-सूचीबद्ध प्रतिष्ठित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को भी विज्ञापन दिया जा सकता है।
- कंटेंट की गुणवत्ता और विज्ञापन की उपयोगिता को भी ध्यान में रखा जा सकता है।
- नियमों में अस्पष्टता की स्थिति में विभागीय मंत्री के अनुमोदन से स्पष्टीकरण किया जा सकता है।
Official Bihar Government Website: Click Here
सूचना एवं जन-संपर्क विभाग: बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर विभाग से संबंधित सूचनाएं एवं सरकारी अपडेट उपलब्ध हैं।
How the New Rules May Work | नई व्यवस्था कैसे काम कर सकती है?
मान लीजिए किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के किसी वीडियो को निर्धारित 30 दिनों के बाद श्रेणी-A के अंतर्गत अतिरिक्त व्यूज प्राप्त होते हैं। ऐसी स्थिति में नियम में निर्धारित अतिरिक्त व्यूज की सीमा के अनुसार भुगतान की गणना की जा सकती है। हालांकि कुल भुगतान निर्धारित अधिकतम सीमा से अधिक नहीं होगा।
इसी प्रकार Category-B के लिए अतिरिक्त व्यूज की गणना 50 हजार के स्तर पर की जाएगी और प्रत्येक अतिरिक्त 50 हजार व्यूज पर ₹10,000 की अतिरिक्त राशि का प्रावधान है। लेकिन इस श्रेणी में भी कुल अधिकतम भुगतान ₹90,000 तक सीमित रहेगा।
इस व्यवस्था से विज्ञापन भुगतान को व्यूज और निर्धारित श्रेणी से जोड़ने की स्पष्ट प्रक्रिया सामने आती है।
Bihar Social Media Policy 2026: Key Takeaway | मुख्य निष्कर्ष
बिहार सरकार की नई सोशल मीडिया संशोधन नियमावली-2026 डिजिटल मीडिया और सरकारी विज्ञापन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है। इसमें न्यूनतम व्यूज से संबंधित पुराने प्रावधानों में बदलाव, वीडियो प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त भुगतान, प्रति वीडियो अधिकतम भुगतान सीमा, सोशल मीडिया फॉलोअर्स की छह माह में जांच तथा गैर-सूचीबद्ध प्रतिष्ठित इन्फ्लुएंसर्स को विशेष परिस्थितियों में विज्ञापन देने जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।
विशेष रूप से Category-A में अधिकतम ₹1 लाख और Category-B में अधिकतम ₹90 हजार प्रति वीडियो भुगतान की सीमा महत्वपूर्ण है। साथ ही, सोशल मीडिया हैंडल, पेज और चैनल की पात्रता बनाए रखने के लिए फॉलोअर्स की संख्या की नियमित जांच भी की जाएगी।
Conclusion | निष्कर्ष
बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया (संशोधन) नियमावली-2026 के माध्यम से राज्य सरकार ने सोशल मीडिया आधारित विज्ञापन व्यवस्था को नए मानकों के साथ व्यवस्थित करने की कोशिश की है। अब सरकारी विज्ञापन से संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए फॉलोअर्स, वीडियो व्यूज, कंटेंट की गुणवत्ता और निर्धारित श्रेणी जैसे पहलू अधिक महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
यह संशोधन खास तौर पर डिजिटल मीडिया से जुड़े लोगों और सरकारी विज्ञापन प्राप्त करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए ध्यान देने योग्य है। संबंधित व्यक्ति और संस्थाएं अधिसूचना में दिए गए प्रावधानों को ध्यानपूर्वक पढ़कर अपनी पात्रता और विज्ञापन संबंधी प्रक्रिया को समझ सकते हैं।
नोट: उपलब्ध कराई गई अधिसूचना की तस्वीरों में पेज 1 और पेज 3 दिखाई दे रहे हैं। ऊपर की जानकारी इन्हीं उपलब्ध पृष्ठों में दर्ज प्रावधानों के आधार पर तैयार की गई है। पूर्ण नियमावली के लिए मूल सरकारी अधिसूचना को प्राथमिक स्रोत माना जाना चाहिए।
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