Contractual Assistant Professor Joining 2026: 211 नए डिग्री कॉलेजों में नियुक्त शिक्षकों के लिए बड़ा निर्देश | संविदा सहायक प्राध्यापक जॉइनिंग और PhD को लेकर नई गाइडलाइन
Contractual Assistant Professor Joining 2026 बिहार के 211 नए डिग्री कॉलेजों में संविदा के आधार पर नियुक्त किए गए सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professors) के लिए राज्यपाल सचिवालय, बिहार लोक भवन, पटना की ओर से महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया गया है। नए निर्देश में दस्तावेज सत्यापन, जॉइनिंग के लिए अतिरिक्त समय तथा Ph.D. कर रहे चयनित अभ्यर्थियों की स्थिति को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की गई है।
राज्यपाल सचिवालय ने सभी संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिया है कि इन दिशा-निर्देशों को संबंधित कॉलेजों तक पहुंचाकर एकरूपता के साथ लागू कराया जाए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को जॉइनिंग में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
यह निर्देश 12 अगस्त 2026 को सभी कुलपतियों के साथ हुई बैठक में बनी सहमति के आधार पर जारी किया गया है। इसमें विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों को राहत दी गई है जो निर्धारित तिथि पर दस्तावेज सत्यापन नहीं करा सके या सत्यापन पूरा होने के बाद भी अपनी पिछली पेशेवर जिम्मेदारियों के कारण तत्काल जॉइनिंग नहीं कर पा रहे हैं।
Assistant Professor Joining 2026: क्या है पूरा मामला?
राज्यपाल सचिवालय, बिहार लोक भवन, पटना ने पत्र संख्या BSU(Directive)-43/2023(Part-II)-10/GS() के माध्यम से संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को 211 नए डिग्री कॉलेजों में संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की जॉइनिंग को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इस पत्र का मुख्य उद्देश्य नए नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की समय पर और सुचारू रूप से जॉइनिंग सुनिश्चित करना है। साथ ही ऐसे अभ्यर्थियों को भी उचित अवसर देना है जिन्हें दस्तावेज सत्यापन या पूर्व पेशेवर जिम्मेदारियों के कारण कठिनाई हो रही है।
Document Verification: 07 अगस्त को सत्यापन नहीं हुआ तो भी मिलेगा मौका
निर्देश के अनुसार जिन अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन 07 अगस्त 2026 को नहीं हो पाया है, उन्हें उक्त तिथि के बाद भी दस्तावेज सत्यापन कराने की अनुमति दी जानी चाहिए।
राज्यपाल सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि कुछ अभ्यर्थी दूर-दराज के क्षेत्रों से संबंधित हो सकते हैं। इसलिए केवल इस वजह से कि कोई अभ्यर्थी निर्धारित तिथि पर दस्तावेज सत्यापन पूरा नहीं कर सका, उसकी जॉइनिंग को रोका या अस्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत
इस निर्देश के बाद 07 अगस्त 2026 को सत्यापन नहीं करा पाने वाले पात्र अभ्यर्थियों के लिए राहत की स्थिति बन गई है। ऐसे अभ्यर्थियों को संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा आगे दस्तावेज सत्यापन का अवसर दिया जाना चाहिए।
हालांकि, दस्तावेज सत्यापन के दौरान अभ्यर्थी को लागू पात्रता मानदंड को पूरा करना आवश्यक होगा।
Verification में Ineligible पाए जाने पर क्या होगा?
दस्तावेज सत्यापन के दौरान यदि किसी अभ्यर्थी को लागू पात्रता मानदंड के अनुसार अयोग्य (Ineligible) पाया जाता है, तो उसके मामले में भी स्पष्ट प्रक्रिया बताई गई है।
ऐसे अभ्यर्थी से संबंधित पत्र और आवश्यक दस्तावेज बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (Bihar State University Service Commission) को भेजे जा सकते हैं। इसके बाद आयोग नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई कर सकता है।
इस कार्रवाई में आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अभ्यर्थी के पक्ष में की गई अनुशंसा को रद्द करने की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
Joining के लिए मिलेगा Reasonable Time
कई चयनित अभ्यर्थी पहले से किसी संस्थान, शोध संस्थान या अन्य पेशेवर कार्य से जुड़े हुए हो सकते हैं। ऐसे अभ्यर्थियों को भी नए पद पर योगदान करने के लिए उचित समय देने का निर्देश दिया गया है।
यदि किसी अभ्यर्थी ने अपना दस्तावेज सत्यापन पूरा कर लिया है, लेकिन पिछली नौकरी, शोध संस्थान या किसी अन्य पेशेवर जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय की आवश्यकता है, तो उसे Reasonable Time दिया जाना चाहिए।
किन अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिल सकता है?
- जो पहले से किसी संस्थान में कार्यरत हैं।
- जो किसी Research Institution से जुड़े हुए हैं।
- जिनकी कोई अन्य पेशेवर जिम्मेदारी पूरी करना बाकी है।
- जिनका दस्तावेज सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन तत्काल जॉइनिंग संभव नहीं है।
राज्यपाल सचिवालय ने ऐसे मामलों में अभ्यर्थी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित समय देने को कहा है।
Ph.D. कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी बड़ा निर्देश
राज्यपाल सचिवालय के इस पत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वर्तमान में Ph.D. कर रहे चयनित अभ्यर्थियों से संबंधित है।
12 अगस्त 2026 को हुई बैठक में Ph.D. कर रहे अभ्यर्थियों की अलग-अलग परिस्थितियों पर विचार किया गया और लागू नियमों एवं विनियमों के अधीन विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
Fellowship लेने वाले Registered Ph.D. Scholars
जो अभ्यर्थी Registered Ph.D. Scholar हैं और Fellowship प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें Fellowship के नियम एवं शर्तों के अधीन निम्न विकल्प दिए जा सकते हैं।
Option 1: Academic Leave
अभ्यर्थी लागू UGC/CSIR-JRF दिशानिर्देशों के अनुसार जितनी Academic Leave अनुमन्य है, उसका लाभ ले सकते हैं।
Option 2: Ph.D. छोड़कर Assistant Professor के रूप में जॉइनिंग
अभ्यर्थी Contractual Assistant Professor के पद पर जॉइन कर सकते हैं और अपनी Fellowship के साथ Ph.D. Programme को बंद कर सकते हैं।
Option 3: Fellowship छोड़कर Ph.D. जारी रखना
अभ्यर्थी अपनी Fellowship को छोड़कर Contractual Assistant Professor के रूप में जॉइन कर सकते हैं और साथ-साथ अपनी Ph.D. जारी रख सकते हैं।
हालांकि इसके लिए उन्हें Research Supervisor/Guide द्वारा जारी Undertaking या Certificate प्रस्तुत करना होगा।
इस प्रमाण-पत्र पर संबंधित विश्वविद्यालय के Head of the Department की Counter-Signature भी आवश्यक होगी।
प्रमाण-पत्र में यह पुष्टि होनी चाहिए कि अभ्यर्थी ने स्वीकृत Synopsis/Work Plan के अनुसार आवश्यक Laboratory Work, Field Work और/या Data Collection का पर्याप्त हिस्सा पूरा कर लिया है तथा Research Centre/Department में उसकी लगातार उपस्थिति आवश्यक नहीं है।
बिना Fellowship वाले Ph.D. Scholars के लिए नियम
जो Registered Ph.D. Scholars किसी Fellowship का लाभ नहीं ले रहे हैं और उन्होंने अपना निर्धारित Coursework तथा Residency Period पूरा कर लिया है, उन्हें लागू नियमों एवं विनियमों के अधीन Contractual Assistant Professor के रूप में जॉइन करते हुए Ph.D. जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है।
यह प्रावधान उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो Ph.D. के साथ-साथ नए डिग्री कॉलेज में शिक्षक के रूप में योगदान करना चाहते हैं।
जिन Ph.D. Regulations में Residency Period निर्धारित नहीं है
कुछ मामलों में संबंधित Ph.D. नियम या Ordinance में कोई निश्चित Residency Period निर्धारित नहीं होता है। ऐसे Registered Ph.D. Scholars के मामलों में भी Contractual Assistant Professor के रूप में जॉइनिंग पर विचार किया जा सकता है।
लेकिन इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करना होगा।
Research Supervisor का Certificate जरूरी
Research Supervisor/Guide द्वारा Undertaking या Certificate दिया जाना होगा। इस पर संबंधित विश्वविद्यालय के Head of the Department की Counter-Signature भी आवश्यक होगी।
प्रमाण-पत्र में यह स्पष्ट होना चाहिए कि:
- आवश्यक Laboratory Work पूरा हो चुका है।
- आवश्यक Field Work पूरा हो चुका है।
- आवश्यक Data Collection पर्याप्त रूप से पूरा किया जा चुका है।
- स्वीकृत Synopsis/Work Plan के अनुसार आवश्यक शोध कार्य का पर्याप्त हिस्सा पूरा हो चुका है।
- Research Centre या Department में अभ्यर्थी की लगातार उपस्थिति आवश्यक नहीं है।
Non-Teaching Hours और Holidays में पूरा कर सकेंगे शोध कार्य
निर्देश में यह भी कहा गया है कि शेष Research Work को लागू नियमों के अनुसार अनुमन्य Non-Teaching Hours, Holidays और अन्य उपलब्ध समय में पूरा किया जा सकता है।
इसका अर्थ है कि पात्र अभ्यर्थी अपनी Contractual Assistant Professor की जिम्मेदारियों के साथ नियमों के तहत अपनी Ph.D. Research को आगे बढ़ा सकते हैं।
Maximum Tenure के अंदर पूरी करनी होगी Ph.D.
Ph.D. जारी रखने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित नियमों में निर्धारित Maximum Tenure के भीतर अपना Ph.D. Programme पूरा करना होगा।
इसलिए जॉइनिंग के बाद अभ्यर्थियों को अपने विश्वविद्यालय के Ph.D. Regulations का पालन करते हुए शोध कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करना होगा।
किन विश्वविद्यालयों के लिए जारी हुआ निर्देश?
राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी पत्र संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भेजा गया है। इसमें निम्न विश्वविद्यालय शामिल हैं:
- Patliputra University
- Baba Saheb Bhim Rao Ambedkar Bihar University
- Jai Prakash University
- Veer Kunwar Singh University
- Magadh University
- Bhupendra Narayan Mandal University
- Purnia University
- Tilka Manjhi Bhagalpur University
- Munger University
- Lalit Narayan Mithila University
इन विश्वविद्यालयों से संबंधित नए डिग्री कॉलेजों में नियुक्त संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों के लिए यह निर्देश महत्वपूर्ण है।
Universities को क्या करना होगा?
राज्यपाल सचिवालय ने सभी कुलपतियों से कहा है कि उपरोक्त दिशा-निर्देशों को संबंधित कॉलेजों तक उचित रूप से पहुंचाया जाए।
साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्देशों का एकरूपता के साथ पालन हो और पात्र अभ्यर्थियों को जॉइनिंग के दौरान अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
निर्देश में यह भी कहा गया है कि नए स्थापित 211 डिग्री कॉलेजों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को देखते हुए इस मामले को प्राथमिकता दी जाए।
Important Dates | महत्वपूर्ण तिथियां
07 अगस्त 2026
निर्धारित दस्तावेज सत्यापन की तिथि
12 अगस्त 2026
सभी कुलपतियों की बैठक में इन दिशा-निर्देशों पर सहमति
अगस्त 2026
राज्यपाल सचिवालय द्वारा संबंधित विश्वविद्यालयों को दिशा-निर्देश जारी
नोट: उपलब्ध आधिकारिक पत्र में दस्तावेज सत्यापन या जॉइनिंग के लिए कोई नई निश्चित अंतिम तिथि निर्धारित नहीं की गई है। अभ्यर्थी अपने संबंधित विश्वविद्यालय/कॉलेज से आगे की तिथि और प्रक्रिया की पुष्टि अवश्य करें।
Important Links | महत्वपूर्ण लिंक
Official Governor's Secretariat Guidelines: Click Here
Document Verification: संबंधित विश्वविद्यालय या आवंटित नए डिग्री कॉलेज से संपर्क करें।
Joining Update: जॉइनिंग से संबंधित नवीनतम सूचना के लिए संबंधित विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना देखें।
Ph.D. Related Information: Research Supervisor/Guide एवं संबंधित विश्वविद्यालय के विभाग से संपर्क करें।
Candidates के लिए जरूरी सलाह
जिन अभ्यर्थियों की नियुक्ति Contractual Assistant Professor के रूप में हुई है, उन्हें सबसे पहले अपने संबंधित विश्वविद्यालय या आवंटित कॉलेज से जॉइनिंग प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
यदि किसी अभ्यर्थी का 07 अगस्त 2026 को दस्तावेज सत्यापन नहीं हुआ है, तो उसे इस नए निर्देश के आधार पर संबंधित विश्वविद्यालय से आगे सत्यापन की प्रक्रिया के संबंध में संपर्क करना चाहिए।
वहीं, जिन अभ्यर्थियों को पिछली नौकरी या Research Institution की जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए समय चाहिए, वे विश्वविद्यालय को अपनी स्थिति से अवगत कराकर उचित समय के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Ph.D. कर रहे अभ्यर्थियों को अपनी Fellowship, Coursework, Residency, Research Work तथा Supervisor से संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र पहले से तैयार रखना चाहिए।
निष्कर्ष
बिहार के 211 नए डिग्री कॉलेजों में संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की जॉइनिंग को लेकर राज्यपाल सचिवालय का यह निर्देश चयनित अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत लेकर आया है।
07 अगस्त 2026 को दस्तावेज सत्यापन नहीं करा पाने वाले पात्र अभ्यर्थियों को बाद में सत्यापन का अवसर दिए जाने की बात कही गई है। साथ ही पिछली नौकरी, Research Institution अथवा अन्य पेशेवर जिम्मेदारियों के कारण तत्काल जॉइनिंग नहीं कर पाने वाले अभ्यर्थियों को उचित समय देने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा Ph.D. कर रहे अभ्यर्थियों के लिए Fellowship, Academic Leave तथा Ph.D. जारी रखने से संबंधित विकल्प भी निर्धारित किए गए हैं। हालांकि प्रत्येक मामले में संबंधित नियम एवं विनियम लागू रहेंगे।
इसलिए सभी चयनित अभ्यर्थियों को अपने संबंधित विश्वविद्यालय एवं कॉलेज से जारी होने वाली आगे की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए और किसी भी प्रक्रिया को लेकर केवल आधिकारिक निर्देशों पर ही भरोसा करना चाहिए।
Source: Governor's Secretariat, Bihar Lok Bhavan, Patna — संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को जारी आधिकारिक दिशा-निर्देश।
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